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मेहुल चोकसी को डोमिनिका कोर्ट से जमानत मिल गई है

भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को डोमिनिका कोर्ट ने जमानत दे दी है. उसने केवल मेडिकल कंडीशन के आधार पर मेहुल चोकसी को ये राहत दी है. रविवार 11 जुलाई को आई मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि मेहुल चोकसी ने अपने स्वास्थ्य का हवाला देकर डोमिनिका कोर्ट से एंटीगुआ और बारबुडा जाने की इजाजत मांगी थी. इसके लिए उसने अदालत से अंतरिम जमानत देने की अपील की थी. सोमवार 12 जुलाई की शाम को आई रिपोर्टों के मुताबिक, डोमिनिका कोर्ट में सुनवाई करने वाले जजों ने आपसी सहमति के साथ चोकसी को एंटीगुआ और बारबुडा जाने की अनुमति दे दी. बताया गया है कि मेहुल चोकसी को ये राहत तब तक रहेगी, जब तक कि वो यात्रा करने के लिए फिट प्रमाणित नहीं किया जाता. कोर्ट ने साफ किया है कि स्वस्थ होने पर चोकसी को डोमिनिका लौटना ही होगा.

इंडिया टुडे/आजतक के रिपोर्टर्स मनीष पांडे और अरविंद ओझा के मुताबिक, कोर्ट ने चोकसी को राहत तो दी, लेकिन इसके लिए उसे दस हजार ईस्टर्न कैरीबियन डॉलर जमा कराने होंगे. भारतीय मुद्रा में ये रकम पौने तीन लाख रुपये से ज्यादा है. इसके साथ ही कोर्ट ने सख्ती के साथ ये साफ किया है कि मेहुल चोकसी को केवल मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए एंटीगुआ-बारबुडा जाने की इजाजत दी जा रही है. तब तक डोमिनिका में उसके अवैध प्रवेश से जुड़ी सुनवाई और ज्युडिशियल रिव्यू के मामले स्थगित रहेंगे.

क्या कहती है चोकसी की रिपोर्ट? मेहुल चोकसी को जमानत दिलाने में उसके डॉक्टरों का अहम रोल रहा. उसकी मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टरों ने कहा था कि चोकसी को कई गंभीर बीमारियां हैं और उसे इलाज के लिए न्यूरोलॉजिस्ट की जरूरत है. मनीष पांडे और अरविंद ओझा के मुताबिक, रिपोर्ट कहती है कि चोकसी ने एंटीगुआ और अमेरिका के न्यूरोसर्जन से अपना ट्रीटमेंट कराने को लेकर अदालत से रिक्वेस्ट की थी. रिपोर्ट में चोकसी के डॉक्टरों ने ये संदेह भी जताया है कि उसे इलेक्ट्रिक शॉक दिए गए हैं और उस पर बल प्रयोग भी किया गया है. बता दें कि मेहुल चोकसी इस समय डोमिनिका की राजधानी रूजो स्थित डोमिनिका-चाइना फ्रेंडशिप हॉस्पिटल में भर्ती है. सोमवार को हुई सुनवाई में वो वहीं से वर्चुअली कोर्ट में पेश हुआ.

बीती 2 जून को मेहुल चोकसी को रूजो स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट ले जाती पुलिस. (तस्वीर- इंडिया टुडे)

कौन है मेहुल चोकसी? भारत के सबसे बड़े बैंक घोटाले PNB स्कैम के मुख्य आरोपियों में से एक है. साल 2018 में ये मामला सामने आने से पहले ही मेहुल चोकसी भारत छोड़कर भाग गया था. बाद में पता चला कि उसने एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी. भारत की जांच एजेंसियां मेहुल को वापस लाने के लिए एंटीगुआ पर दबाव बना रही थीं. इस बीच बीती 23 मई की शाम मेहुल चोकसी एंटीगुआ स्थित अपने घर से गायब हो गया. उसके लापता होने की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी. लेकिन 26 मई को उसके डोमिनिका में पकड़े जाने की बात सामने आई. वहां उसे अवैध रूप से घुसपैठ करने के आरोप में हिरासत में ले लिया गया.

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