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धोनी से ये चीज सीख लें तो कोहली की कप्तानी में भी ICC ट्रॉफीज जीत सकता है भारत

महेंद्र सिंह धोनी. भारत के महानतम कप्तानों में से एक. ICC के सभी तीन टूर्नामेंट्स अपनी कप्तानी में जीतने वाले इकलौते कप्तान धोनी की सफलता की मिसालें दी जाती हैं. धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 का T20 वर्ल्ड कप, 2011 का वनडे वर्ल्ड कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की थी. पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज़ आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर गांगुली, धोनी और कोहली की कप्तानी में खेले गए ICC टूर्नामेंट्स की तुलना कर बताया कि क्यों महेंद्र सिंह धोनी दुनिया के सबसे सफल कप्तान हैं.

महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम, चार बार ICC टूर्नामेंट्स के फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही थी. जिनमें से सिर्फ एक में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा. आकाश ने बताया कि एक कप्तान के तौर पर धोनी की कामयाबी का सबसे बड़ा कारण था उनका टीम में बदलाव ना करना. आकाश ने धोनी को भारतीय क्रिकेट का जादूगर बताते हुए कहा, ‘मेरी नजर में धोनी सबसे सफल कप्तान इसलिए हैं क्योंकि उनकी कप्तानी में कोई भी खिलाड़ी असुरक्षित महसूस नहीं करता था. धोनी कभी भी अपनी टीम में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं करते थे. धोनी की कप्तानी में अगर आप लीग स्टेज से लेकर नॉकऑउट तक का टीम का सफर देखेंगे तो आप पाएंगे कि टीम लगभग सेम ही रहती थी. खासकर टीम के कुछ प्रमुख खिलाड़ी. धोनी कभी भी अपने प्रमुख खिलाड़ियों पर भरोसा करना नहीं छोड़ते थे.’

आकाश चोपड़ा ने धोनी की तारीफ करते हुए बताया कि किस तरह धोनी की कप्तानी में सिर्फ कुछ खिलाडी ही नहीं बल्कि पूरी टीम अच्छा प्रदर्शन करती थी. चोपड़ा ने कहा, ‘नॉकऑउट मुक़ाबलों में पहुंचने के बाद वह टीम अच्छा करती है जो कम से कम गलतियां करे, कम से कम घबराए और कम से कम बदलाव करते हुए यहां तक पहुंची हो. धोनी की टीम में हमेशा ऐसे खिलाड़ी रहते थे जो उनके लिए नॉकऑउट मुक़ाबलों में अच्छा प्रदर्शन करते थे क्योंकि धोनी उन पर हमेशा भरोसा जताते थे.

आप 2007 और 2011 के वर्ल्ड कप के फाइनल की बात करें तो आपको गौतम गंभीर याद आएंगे. 2011 के पूरे वर्ल्ड कप टूर्नामेंट की बात करें तो युवराज सिंह आपको हर करते नजर आएंगे. 2013 की बात करें तो उस टूर्नामेंट में पूरी टीम ने मिलकर अच्छा प्रदर्शन किया. 2014 में हम इसलिए हार गए क्योंकि विराट कोहली के अलावा किसी और का बल्ला चला ही नहीं.’

अगर सौरव गांगुली और विराट कोहली के नेतृत्व की बात करें तो भारतीय टीम ने गांगुली की कप्तानी में तीन और कोहली की कप्तानी में दो ICC टूर्नामेंट्स के फाइनल खेले थे. गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम को दो फाइनल्स में हार का सामना करना पड़ा. जबकि 2002 की चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और श्रीलंका दोनों को ही विजेता घोषित कर दिया गया था. कोहली की बात करें तो भारतीय टीम इनकी कप्तानी में अभी कोई भी ICC टूर्नामेंट जीतने में कामयाब नहीं हुई है.

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